दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं

“Carving a path into someone's heart, onward I go; ah, what an exquisite sin I keep committing so.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

मैं किसी के दिल में अपनी जगह बनाता जा रहा हूँ, और ऐसा करके मैं कितना खूबसूरत गुनाह करता जा रहा हूँ।

विस्तार

यहाँ शायर मोहब्बत की उस मीठी और नशीली कशिश की बात कर रहा है, जहाँ किसी के दिल में धीरे-धीरे अपनी जगह बनाना दुनिया की नज़र में शायद गुनाह हो, मगर दिल के लिए सबसे प्यारा तजुर्बा है। 'राह करना' यानी किसी के जज़्बातों में चुपके से उतर जाना, और इसे 'हसीं गुनाह' कहकर शायर ने उस मासूम जुर्म का जश्न मनाया है जिसे प्यार करने वाला बार-बार दोहराना चाहता है। यह शेर इश्क़ के उस नाज़ुक एहसास को उभारता है जहाँ नियम-कायदों की बंदिशें महबूब के प्यार के आगे बेमानी हो जाती हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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