दुनिया-ए-दिल तबाह किए जा रहा हूँ मैं सर्फ़-ए-निगाह-ओ-आह किए जा रहा हूँ मैं

“I go on laying waste to the realm of my heart, squandering it all away upon mere glances and sighs.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

मैं अपने दिल की दुनिया को बर्बाद करता जा रहा हूँ और इसे केवल देखने और आहें भरने पर खर्च किए जा रहा हूँ।

विस्तार

इस शेर में शायर अपने दिल को एक आबाद सल्तनत की तरह देखता है, जिसे वह इश्क़ के हाथों खुद ही आहिस्ता-आहिस्ता तबाह कर रहा है। वह अपने सुकून और पूरी ज़िंदगी की जमा-पूँजी महबूब के बस एक दीदार और जुदाई की ठंडी आहों पर लुटाए जा रहा है। इसमें एक अजीब सी बेबसी और मीठा दर्द है, जहाँ आशिक़ अच्छी तरह जानता है कि यह रास्ता बर्बादी की तरफ जाता है, फिर भी वह इस दीवानगी से पीछे नहीं हट सकता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

दुनिया-ए-दिल तबाह किए जा रहा हूँ मैं | Sukhan AI