मुझ से लगे हैं इश्क़ की अज़्मत को चार चाँद ख़ुद हुस्न को गवाह किए जा रहा हूँ मैं

“Through me, love’s towering majesty is crowned with fourfold grace, as I summon Beauty itself to stand witness in this place.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

मेरी वजह से इश्क़ की अज़्मत और प्रतिष्ठा में चार चाँद लगे हैं, और इस बात का गवाह मैं ख़ुद हुस्न को बना रहा हूँ।

विस्तार

आम तौर पर शायरी में आशिक़ ख़ुद को हुस्न के आगे झुका हुआ दिखाता है, लेकिन यहाँ शायर एक अनोखे स्वाभिमान और गर्व से भरा हुआ है। वह कहता है कि उसकी सच्ची दीवानगी और वफ़ा ने इश्क़ की शान को और बढ़ा दिया है, उसके रुतबे में चार चाँद लगा दिए हैं। उसका जज़्बा इतना सच्चा और पुरअसर है कि वह किसी और को नहीं, बल्कि ख़ुद हुस्न को ही अपनी इस बुलंदी का गवाह बना रहा है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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