“A complaint was on my lips, yet even that I could not recall; perhaps the one who forgets me has remembered after all.”
मेरे होंठों पर शिकायत थी मगर मुझे यह भी याद नहीं रहा; शायद मुझे भुला देने वाले ने आज मुझे याद कर लिया है।
आशिक़ अपने महबूब से ढेरों शिकायतें करने की तैयारी में था, लबों पर शिकवे मचल रहे थे, लेकिन अचानक वह सब कुछ भूल गया। शायर बड़े प्यार से यह वजह बताता है कि शायद उसी पल उस 'भूलने वाले' महबूब ने उसे याद कर लिया होगा, और उस तसव्वुर की मिठास में सारा दर्द धुल गया। यह शेर बयां करता है कि मोहब्बत में महबूब की ज़रा-सी याद भी तमाम रंजिशों और शिकायतों को पल भर में मिटा देती है।
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