हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है रोने को नहीं कोई हँसने को ज़माना है

“Such is the brief and bitter tale of us, the victims of love: not a soul to weep with us, yet a whole world to mock and laugh.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

हम प्रेम के सताए हुए लोगों की बस इतनी ही दास्तान है कि हमारे दुख में रोने वाला कोई नहीं है, जबकि हम पर हँसने के लिए पूरी दुनिया मौजूद है।

विस्तार

यह शेर इश्क़ में टूटे हुए दिलों की तन्हाई और बेबसी को बेहद सादगी से बयां करता है। शायर कहता है कि जब दिल रोता है, तो उसके आंसू पोंछने वाला कोई हमदर्द नहीं होता, मगर वही दुनिया उसकी बेबसी पर हंसने और तमाशा देखने के लिए पलक झपकते ही जमा हो जाती है। यह दुनिया की बेरहमी और आशिक़ के उस गहरे अकेलेपन की दास्तान है, जो सीधे दिल को छू लेती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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