“I am so overjoyed by someone's promise of tomorrow, as though, in truth, I have actually come to believe it.”
मैं किसी के कल के वादे पर इस तरह ख़ुश हूँ, मानो सचमुच मुझे उस पर भरोसा हो गया हो।
इस शेर में उम्मीद और खुद को बहलाने की एक बेहद मासूम और दिलकश दास्तान है। शायर अच्छी तरह जानता है कि महबूब का 'कल मिलने का वादा' महज़ एक दिलासा हो सकता है, फिर भी वह इस तरह झूम उठा है मानो सचमुच उस पर भरोसा कर बैठा हो। यह मोहब्बत की उस बेबसी को दिखाता है जहाँ इंसान हक़ीक़त की कड़वाहट से बचने के लिए एक मीठे छलावे को भी पूरी शिद्दत से गले लगा लेता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
