हाए काफ़िर-दिल की ये काफ़िर जुनूँ-अंगेज़ियाँ तुम को प्यार आए न आए मुझ को प्यार आ ही गया

“Oh, the relentless, frenzy-stirring ways of this infidel heart! Whether love softens you or not, love has seized me at last.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

हाय, इस बेदर्द दिल का यह पागलपन पैदा करने वाला जुनून! तुम्हें मुझ पर प्यार आए या न आए, लेकिन मुझे तो तुमसे प्यार हो ही गया।

विस्तार

यहाँ शायर अपने ही बेकाबू और मनमौजी दिल से एक मीठा सा शिकवा कर रहा है, जिसे वह 'काफ़िर' कहता है क्योंकि वह अक्ल की कोई बात नहीं मानता। महबूब के दिल में प्यार जागे या न जागे, आशिक़ का दिल तो पूरी तरह इस जुनून की गिरफ्त में आ चुका है। यह शेर इश्क़ की उस बेबस मगर खूबसूरत कैफियत को दर्शाता है, जहाँ चाहत किसी शर्त या बदले की मोहताज नहीं होती।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.