ये फ़रेब-ए-जल्वा है सर-ब-सर मुझे डर ये है दिल-ए-बे-ख़बर कहीं जम न जाए तिरी नज़र इन्हीं चंद नक़्श ओ निगार पर

“All this is sheer deception of appearances; my fear, O heedless heart, is lest your gaze remain transfixed upon these few fleeting designs.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

यह सब पूरी तरह से दिखावे का धोखा है, ऐ बेख़बर दिल! मुझे बस यह डर है कि कहीं तुम्हारी नज़र इन्हीं चंद बाहरी नक़्श-ओ-निगार पर ही न अटक कर रह जाए।

विस्तार

शायर अपने नादान दिल को एक सच्चे दोस्त की तरह समझा रहा है कि दुनिया की यह सारी चमक-दमक सिर्फ़ एक छलावा और नज़र का धोखा है। यहाँ दिखने वाले सारे हसीन मंज़र महज़ कागज़ पर बनी चंद आरज़ी तस्वीरें हैं, जो वक़्त के साथ मिट जाएँगी। डर इसी बात का है कि कहीं दिल इस ऊपरी ख़ूबसूरती के मोह में ही न उलझ कर रह जाए और उस असल हक़ीक़त से महरूम हो जाए जो इन नक़्शों के पीछे छुपी है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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