ये हुस्न ये शोख़ी ये करिश्मा ये अदाएँ दुनिया नज़र आई मुझे तो क्या नज़र आया

“This beauty, this coquetry, this miracle, these enchanting graces—if all I saw was the mundane world, what did I truly behold?”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

यह सुंदरता, यह चंचलता, यह चमत्कार और ये अदाएँ सामने होने के बावजूद अगर मुझे केवल यह दुनिया ही दिखाई दी, तो सच में मैंने क्या देखा?

विस्तार

इस शेर में शायर अपने महबूब के हुस्न, शोख़ी, जादू और नज़ाकत पर पूरी तरह फ़िदा नज़र आता है। वह खुद से यह गहरा सवाल करता है कि अगर इस बेपनाह खूबसूरती के सामने मुझे सिर्फ़ यह मामूली दुनिया ही दिखाई दी, तो भला मैंने देखा ही क्या? शायर का मानना है कि महबूब का यह तिलिस्म महज़ एक सांसारिक नज़ारा नहीं, बल्कि एक ऐसा रूहानी तजुर्बा है जिसे आम नज़रों से नहीं समझा जा सकता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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