रंगीं फ़ितरत सादा तबीअत फ़र्श-नशीं और अर्श-नशेमन

“A vibrant nature, yet a spirit plain and mild; resting upon the dust, yet nesting in the skies.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

वह व्यक्ति जिसकी प्रकृति रंगीन और स्वभाव सादा है; जो ज़मीन पर बैठता है, मगर जिसका आशियाना आसमान पर है।

विस्तार

यह शेर एक सच्चे शायर या दरवेश की शख्सियत का खूबसूरत विरोधाभास बयां करता है। दिल और कल्पना तो अनगिनत रंगों और उमंगों से भरपूर हैं, मगर मिज़ाज एकदम सादा और बनावट से कोसों दूर है। यह इंसान ज़मीन पर खाकसार होकर बैठता है, फिर भी उसकी रूह और सोच की उड़ान अर्श यानी आसमान की ऊंचाइयों में आशियाना बनाती है। यह सादगी और असीम बुलंदी का ऐसा हसीन मेल है, जो इंसान को अंदर से बेहद अमीर बनाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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