“One as beauteous as you, and the slaughter of love? Perhaps it is merely an illusion, the crimson upon your hem.”
तुम जैसा ख़ूबसूरत इंसान और मोहब्बत का क़त्ल? तुम्हारे दामन पर नज़र आने वाली यह लाली शायद सिर्फ़ एक वहम है।
क्लासिकल शायरी में महबूब के दामन पर आशिक़ों के क़त्ल का इल्ज़ाम लगना कोई नई बात नहीं, लेकिन इस शेर में एक ख़ास नज़ाकत है। आशिक़ अपने सनम के बेमिसाल हुस्न को देखकर हैरान है कि इतना ख़ूबसूरत इंसान किसी का दिल कैसे तोड़ सकता है। इसलिए वह सच मानने के बजाय खुद को समझाता है कि शायद दामन की यह लाली महज़ उसकी आँखों का धोखा है—इश्क़ का यह वहम महबूब को बेगुनाह बनाए रखने की एक मीठी और दर्दभरी कोशिश है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
