आँखों में जी मिरा है उधर देखता नहीं
मरता हूँ में तो हाए रे सर्फ़ा निगाह का
“A tremor is in my eyes, I cannot look that way, Oh, I am dying from the mere gaze of your glance.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरी आँखों में जी मिच रहा है, मैं उस दिशा में नहीं देख सकता। मैं तो सिर्फ़ आपकी एक नज़र से मर रहा हूँ।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस बेबस और गहरी हालत को बयान करता है। शायर कहते हैं कि उनका दिल बेचैन है, और वह किसी और तरफ देख ही नहीं पाते। उनके लिए तो बस महबूब की निगाह ही सब कुछ है। यह नज़रों के आगे समर्पण की भावना है, जहाँ आशिक़ अपनी ज़िंदगी और मौत, दोनों को बस एक नज़र में समाहित कर देता है।
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