इक दिन तो वफ़ा भी करते वा'दा
गुज़री है उमीद-वार हर रात
“One day, even fidelity made a promise, Every night has passed with hopeful promise.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
एक दिन तो वफा भी करते वादा, गुज़री है उम्मीद-वार हर रात। (अर्थात, कभी-कभी वफादारी भी वादे करती है, और हर रात उम्मीदों से भरी गुज़री है।)
विस्तार
यह शेर आशिक़ के दिल का दर्द बयान करता है। शायर कहते हैं कि हमने वफ़ा के वादे देखे हैं, लेकिन यह वादे कभी पूरे नहीं होते। हर रात उम्मीदों से भरी गुज़र गई है, पर वह सुकून और वह वफ़ा आज भी दूर है। यह अहसास बहुत भारी होता है, जब उम्मीदें और हक़ीक़त के बीच इतनी बड़ी फ़ासले हो।
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