“Whoever anchored their heart upon the dot of your beauty mark / Has stood firm and steadfast within the circle of love.”
जिसने अपने दिल को तुम्हारे तिल के बिंदु से बाँध लिया है, वह प्रेम के दायरे में दृढ़ और अडिग हो गया है।
शायर ने यहाँ बड़ी ख़ूबसूरत ज्यामितीय उपमा दी है—महबूब के चेहरे का तिल उस केंद्रीय नुक़्ते (बिंदु) की तरह है, जिसके इर्द-गिर्द इश्क़ का पूरा दायरा खिंचता है। जैसे परकार की सुई केंद्र पर टिक कर ही एक मुकम्मल घेरा बनाती है, वैसे ही जिसका दिल इस तिल पर टिक गया, वह प्रेम के मार्ग में हमेशा अटल और अडिग रहा। यह शेर बताता है कि सच्ची मोहब्बत में अटूट एकाग्रता ही इंसान को वफ़ा में साबित-क़दम बनाती है।
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