लोग कहते हैं कि बद-नामी से बचना चाहिए कह दो बे उस के जवानी का मज़ा मिलता नहीं

“People advise that one must shun ill fame; tell them, without disgrace, youth has no thrill to claim.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

लोग कहते हैं कि बदनामी से बचना चाहिए, लेकिन उन्हें कह दो कि इसके बिना जवानी का असली मज़ा नहीं मिलता।

विस्तार

इस शेर में शायर दुनिया की संजीदा नसीहतों पर एक बेबाक और मीठी सी बगावत करता है। लोग हमेशा यही सिखाते हैं कि बदनामी से बचकर संभल-संभल कर कदम रखो, लेकिन शायर का मानना है कि जवानी का असली मज़ा ही थोड़ा बेपरवाह होने में है। बिना किसी दीवानेपन, जोखिम और इश्क़ की रुसवाई के, जवानी की ज़िंदगी एकदम बे-रंग और फीकी रह जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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