तुम को करना पड़ेगा उज़्र-ए-जफ़ा हम अगर दर्द-ए-दिल सुनाने लगे

“You will have to offer excuses for your cruelty, should I ever begin to recount the sorrows of my heart.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

अगर हम अपने दिल का दर्द सुनाने लगें, तो आपको अपने ज़ुल्म और बेवफ़ाई के लिए बहाने बनाने पड़ेंगे।

विस्तार

इस शेर में शायर अपने महबूब से बड़ी नज़ाकत और मीठे शिकवे के साथ कह रहे हैं कि हमारी ख़ामोशी को कमज़ोरी मत समझिए। हम चुप हैं ताकि आपकी साख बनी रहे, क्योंकि अगर हमने दिल के ज़ख़्म और आपके दिए दर्द बयान करना शुरू कर दिए, तो आपके पास अपनी बेरुख़ी और सितम की सफ़ाई देने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा। यह प्यार का वह मोड़ है जहाँ आशिक़ का सब्र भी महबूब को शर्मिंदगी से बचाने के लिए एक ढाल बन जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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