“To instill in hearts the sweet longing for captivity— / Go ask the lasso of those curling tresses.”
दिलों में क़ैद होने का शौक़ कैसे जगाया जाता है, यह बात महबूब की घुंघराली ज़ुल्फ़ों के फंदे से पूछो।
इस शेर में शायर इश्क़ के उस खूबसूरत विरोधाभास को बयान करते हैं, जहाँ दिल आज़ादी से ज़्यादा किसी की क़ैद में रहने की ख्वाहिश करता है। महबूब की बलखाती और घुंघराली ज़ुल्फ़ों की तुलना एक फंदे यानी 'कमंद' से की गई है, जो दिलों को इस कदर लुभाती है कि वे खुद-ब-खुद शिकार होने के लिए बेताब हो जाते हैं। यह शेर दिखाता है कि सच्चा हुस्न वही है, जिसके जादू में आकर इंसान अपनी खुशी से अपनी आज़ादी न्योछावर कर दे।
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