हम को गर तू ने रुलाया तो रुलाया ऐ चर्ख़ हम पे ग़ैरों को तो ज़ालिम न हँसाना हरगिज़

“If you have made us weep, O Heavens, then so be it; but never let strangers mock and laugh at our sorrow, O cruel Fate.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

ऐ आसमान, अगर तूने हमें रुलाया है तो कोई बात नहीं, लेकिन ऐ ज़ालिम, हमारे हाल पर कभी ग़ैरों को मत हँसाना।

विस्तार

इस शेर में शायर आसमान यानी अपनी क़िस्मत से बड़े स्वाभिमान और बेबाकी के साथ मुख़ातिब है। वह कहता है कि तूने मुझे जितने ग़म दिए और जितना रुलाया, वह दर्द तो मैं चुपचाप सह लूँगा। मगर मेरी गुज़ारिश बस इतनी है कि मेरी इस बेबसी पर बेगानों और दुश्मनों को हँसने का मौक़ा मत देना, क्योंकि एक ख़ुद्दार इंसान ज़ख़्म तो बर्दाश्त कर सकता है मगर अपनी तज़लील और रुसवाई कभी नहीं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.