शान देखी नहीं गर तू ने चमन में उस की वलवला तुझ में ये ऐ मुर्ग़-ए-चमन किस का है

“If you have not seen her splendor in the garden, whose is this fervor within you, O bird of the garden?”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

ऐ बाग़ के परिंदे, अगर तूने चमन में उस (माशूक़) की शान और ख़ूबसूरती नहीं देखी है, तो फिर तेरे अंदर यह जोश और तड़प किस की वजह से है?

विस्तार

इस शेर में शायर बाग़ के परिंदे यानी बुलबुल से बड़े अपनेपन से पूछता है कि अगर तुमने उस महबूब की शान और जलवा नहीं देखा, तो फिर तुम्हारे दिल में यह बेपनाह तड़प और जोश कहाँ से उमड़ रहा है? ग़ज़ल की रिवायत में बुलबुल हर उस आशिक़ का प्रतीक है जो अपनी धुन में मगन होकर महबूब के तराने गाता है। दरअसल, शायर यह ख़ूबसूरत बात समझाना चाहता है कि सच्चा इश्क़ आँखों से देखने का मोहताज नहीं होता; महबूब का असर तो बिना देखे ही रूह में समाकर बेचैन कर देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.