गो भलाई करके हम-जिंसों से ख़ुश होता है जी तह-नशीं उस में मगर दुर्द-ए-रिया पाते हैं हम

“Though the heart rejoices in doing good to our fellow kind, yet settled at its bottom, the dregs of hypocrisy we find.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

यद्यपि अपने जैसे इंसानों के साथ भलाई करने से दिल को ख़ुशी मिलती है, लेकिन हम उसके अंदर दिखावे और पाखंड की मैल छिपी हुई पाते हैं।

विस्तार

जब हम किसी साथी इंसान की मदद करते हैं, तो दिल में एक सच्चा सुकून और खुशी महसूस होती है, लेकिन शायर यहाँ अपनी नीयत की गहराई में झांककर बड़ी बेबाकी से सच बयान करता है। वह देखता है कि इस नेकी के पीछे भी कहीं न कहीं दिखावे और अपनी 'अच्छाई' के घमंड की तलछट बैठी हुई है। 'दुर्द-ए-रिया' यानी दिखावे की मैल का यह रूपक हमें बताता है कि इंसान की सबसे पाक नीयत में भी खुदपसंदी का एक हल्का सा साया छुपा रह सकता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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