सब पे रौशन है हमारी सोज़िश-ए-दिल बज़्म में शम्अ साँ जलते हैं अपनी गर्म-बाज़ारी में हम

“Evident to all in the gathering is the burning of our heart; like a candle, we consume ourselves in the bustling market of our renown.”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

महफ़िल में मौजूद हर व्यक्ति पर हमारे दिल की जलन ज़ाहिर है; हम अपनी ही शोहरत और चर्चा के दौर में शमा की तरह जल रहे हैं।

विस्तार

यहाँ शायर खुद की तुलना महफ़िल में जलती हुई शम्अ (मोमबत्ती) से कर रहे हैं। दुनिया जिस शोहरत और चमक-दमक ('गर्म-बाज़ारी') की दीवानी है, वह असल में शायर के दिल के दर्द और उसकी तड़प की बदौलत ही रोशन है। यह शेर इस कड़वी सच्चाई को छूता है कि किसी फ़नकार की अंदरूनी जलन ही अक्सर महफ़िल की रौनक बन जाती है, जिसे सब देखते तो हैं पर उसका अकेलापन नहीं समझते।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.