बहुत रोया हूँ मैं जब से ये मैं ने ख़्वाब देखा है कि आप आँसू बहाते सामने दुश्मन के बैठे हैं

“I have wept endlessly ever since I saw this dream, / that you sit shedding tears in the presence of the foe.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

जब से मैंने यह सपना देखा है कि आप दुश्मन के सामने बैठकर आँसू बहा रहे हैं, तब से मैं बहुत रोया हूँ।

विस्तार

यह शेर एक ऐसे बुरे ख़्वाब का दर्द बयां करता है जो दिल को पूरी तरह हिला कर रख देता है। आशिक़ सिर्फ़ इसलिए नहीं रो रहा कि उसका महबूब उदास है, बल्कि असली तकलीफ़ इस बात की है कि महबूब की बेबसी और उसके आँसू दुश्मन के सामने बह रहे हैं। अपनी मुहब्बत को किसी ऐसे शख़्स के आगे लाचार देखना जो उसकी तबाही चाहता हो, आशिक़ की गैरत और मोहब्बत दोनों के लिए असहनीय हो जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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