“How exquisitely refreshing was the fragrance of fidelity— / she tested it by setting the heart ablaze.”
वफ़ा की ख़ुशबू कितनी ताज़गी और ख़ुशी देने वाली थी, लेकिन उसने इसे परखने के लिए दिल को जलाकर देख लिया।
इस शेर में अगरबत्ती या धूप का एक दर्दभरा रूपक है—जैसे कोई खुशबूदार लकड़ी जलने के बाद ही अपनी महक बिखेरती है, वैसे ही महबूब ने वफ़ा की खुशबू महसूस करने के लिए आशिक़ के दिल को आग लगा दी। इसमें एक बेहद खूबसूरत मगर तकलीफ़देह तंज़ है कि महबूब को वफ़ा की महक तो बहुत भली लगी, पर उसने यह नहीं सोचा कि इस आज़माइश की कीमत आशिक़ का वजूद है। यह शेर इश्क़ की उस इंतिहा को दर्शाता है जहाँ दिल का जलना ही उसकी सच्ची वफ़ा का सुबूत बन जाता है।
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