“Has someone, perchance, become a lover of the sky, that heaven has adopted your cruel ways?”
लगता है कोई आसमान को भी चाहने लगा है, इसीलिए तो आसमान ने भी तुम्हारे ही तौर-तरीके और आदतें अपना ली हैं।
यहाँ शायर एक बहुत ही हसीन और चुटीला अंदाज़ अपनाता है। उर्दू शायरी में आसमान को तक़दीर और सितम ढाने की अलामत माना जाता है, लेकिन शायर महबूब से कहता है कि लगता है आसमान पर भी कोई दिल हार बैठा है, तभी तो उसने तुम्हारी तरह बेरुख़ी और ज़ुल्म का तौर-तरीक़ा सीख लिया है। अपने दर्द को छुपाने और महबूब की आदत-ए-सितम को छेड़-छाड़ भरे अंदाज़ में बयान करने का यह हुनर कमाल का है।
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