इश्क़ है पादशाह-ए-आलम-गीर गरचे ज़ाहिर में तख़्त-ओ-ताज नहीं

“Love is a sovereign emperor who commands the entire world, / Even though in outward guise it bears neither throne nor crown.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

इश्क़ पूरी दुनिया पर राज करने वाला बादशाह है, भले ही ज़ाहिर तौर पर उसके पास कोई तख़्त और ताज नहीं है।

विस्तार

यह शे'र इश्क़ की ऐसी रूहानी हुकूमत का ज़िक्र करता है जो किसी ज़ाहिरी सल्तनत की मोहताज नहीं है। दुनियावी बादशाहों को अपनी धाक जमाने के लिए तख़्त और ताज की ज़रूरत पड़ती है, लेकिन इश्क़ ख़ामोशी से पूरी दुनिया के दिलों पर हुक्मरानी करता है। शायर बड़ी ख़ूबसूरती से यह समझाते हैं कि सबसे बड़ी ताक़त शान-ओ-शौकत में नहीं, बल्कि उस जज़्बे में है जो बिना किसी दिखावे के भी हर रूह को अपना असीर बना लेता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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