“Upon which fell the radiant reflection of the beloved's face / Even turned to dust, this heart never lost its pristine clarity.”
जिस दिल पर महबूब के चेहरे के हुस्न का अक्स पड़ गया, वह मिट्टी में मिलने के बाद भी अपनी पाकीज़गी और चमक नहीं खो सका।
शायर कह रहे हैं कि जिस दिल पर महबूब के नूरानी चेहरे का अक्स एक बार पड़ गया, वह हमेशा के लिए रोशन और पाकीज़ा हो गया। मोहब्बत का असर इतना गहरा होता है कि ग़मों और ज़माने की ठोकरों से दिल टूटकर ख़ाक में भी मिल जाए, तब भी उसकी अंदरूनी चमक और साफ़दिली ख़त्म नहीं होती। यह शेर बताता है कि सच्चे इश्क़ की छुअन दिल को फ़ना होने के बाद भी एक मुक़द्दस निखार बख़्श देती है।
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