“Whenever another beauty is ardent in showering grace, in that very moment, I remember that beloved all the more.”
जब भी कोई सुंदर व्यक्ति मुझ पर मेहरबानी या प्यार बरसाता है, उस वक़्त मुझे अपने महबूब की याद और भी ज़्यादा आती है।
इश्क़ की फितरत बड़ी अनोखी है; जब कोई दूसरा खूबसूरत इंसान हम पर मेहरबानी या प्यार लुटाता है, तो दिल बहलने के बजाय अपने पुराने महबूब की याद में और डूब जाता है। किसी और की तवज्जो उस खास शख्स की कमी को मिटाने के बजाय उसे और नुमायाँ कर देती है। शायर ने दिल की इसी लाचारी को बेहद खूबसूरती से बयां किया है कि कोई लाख चाहे, पर जो दिल में बस चुका है, उसकी जगह कोई नहीं ले सकता।
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