“That single word of longing which had fled my heart in fear, / Turned to an endless tale upon my tongue once she drew near.”
दिल से प्यार का जो एक शब्द बड़ी हिचकिचाहट और डर के साथ निकला था, महबूब के सामने आते ही वह ज़ुबान पर एक लंबी दास्तान बनकर आ गया।
यह शे'र दिल की उस बेबसी को छूता है जहाँ छुपाया हुआ प्यार अचानक सब्र का बाँध तोड़ देता है। आशिक़ ने तो बड़ी झिझक के साथ दिल से महज़ एक हर्फ़ निकालने की सोची थी, मगर माशूक़ के सामने आते ही वो ज़रा सी बात पूरी दास्तान बनकर बह निकली। 'हर्फ़' (एक अक्षर) और 'दास्तान' (लंबी कहानी) का यह ख़ूबसूरत तज़ाद दिखाता है कि महबूब के रूबरू आते ही जज़्बात किस तरह बेकाबू हो जाते हैं।
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