ज़ख़्मों में ख़ुद चमक है और उस पे ये सितम है रंग-ए-परीदा से मैं रहता हूँ चाँदनी में

“My wounds already possess their own bright gleam, yet cruel is this plight: / With my pale and faded countenance, I must linger in the moonlight.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

मेरे ज़ख़्मों में पहले से ही अपनी चमक है और ज़ुल्म यह है कि मैं अपने फ़क़ या उड़े हुए चेहरे के साथ चाँदनी में रहता हूँ।

विस्तार

इस शेर में शायर अपने गहरे दर्द और बेबसी की एक मर्मस्पर्शी तस्वीर पेश करता है। उसके ज़ख़्म तो पहले ही ताज़ा होकर चमक रहे हैं, उस पर सितम यह है कि उसे चाँदनी रात में अपने उतरे और पीले पड़े चेहरे के साथ रहना पड़ रहा है। चाँदनी, जिसे आमतौर पर सुकून और रोमांस का प्रतीक माना जाता है, यहाँ शायर के फीके रंग और छलनी दिल को बेपर्दा करके उसके रंज को और गहरा कर देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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