“Take the oath of allegiance to me as well, O preacher! / Give me your hand, my friend—well, what say you to that?”
ऐ उपदेशक, तू भी मेरे हाथ पर बैअत कर ले (मेरा शिष्य बन जा); अपना हाथ आगे बढ़ा दोस्त, बता यह बात तुझे कैसी लगी?
यहाँ शायर बड़े ही चुटीले और दोस्ताना अंदाज़ में नसीहतें बांटने वाले वाइज़ (उपदेशक) की चुटकी ले रहा है। वह वाइज़ से कहता है कि अपनी सूखी नसीहतें छोड़ो और मेरी मस्ती भरी राह पर चलकर मुझसे बैअत कर लो, यानी मेरे चेले बन जाओ। फिर एकदम यारबाशी में हाथ आगे बढ़ाकर पूछता है—'क्यों यार, कैसी रही?' यह शेर महज़ एक मज़ाक नहीं, बल्कि खोखले उपदेशों के सामने इश्क़ और साफ़गोई की बेबाक जीत का जश्न है।
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