पी के बैराग की उदासी सूँ दिल पे मेरे सदा उदासी है

“From the sorrow born of the Beloved's detachment, a perpetual gloom forever weighs upon my heart.”

— वली दकनी
अर्थ

प्रियतम के वैराग्य (उदासीनता) के दुःख के कारण मेरे दिल पर हमेशा उदासी छाई रहती है।

विस्तार

इस शेर में आशिक़ अपने महबूब के 'बैराग' यानी उसकी बेरुखी और विरक्ति का दर्द बयां कर रहा है। जब चाहने वाला ही दुनिया और मुहब्बत से मुँह मोड़ ले, तो दिल पर एक ऐसा सन्नाटा छा जाता है जो कभी दूर नहीं होता। यहाँ उदासी केवल एक पल का ग़म नहीं, बल्कि महबूब की बेपरवाही से उपजा दिल का एक मुस्तक़िल और कभी न ख़त्म होने वाला साया बन गई है।

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पी के बैराग की उदासी सूँ | Sukhan AI